UIDAI (यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने Starlink Satellite Communication Pvt. Ltd. को आधार authentication के लिए अधिकृत कर दिया है। इसका मतलब है कि अब Starlink अपने ग्राहकों का verification आधार E-KYC के ज़रिए कर सकेगा।
इससे Starlink को नए यूज़र्स को आसानी, सुरक्षा और बिना कागज़ी झंझट के जोड़ने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह पूरा प्रोसेस सरकार के KYC (Know Your Customer) नियमों का पालन भी करेगा।
Starlink को मिली नई ज़िम्मेदारी
स्टारलिंक को Sub-Authentication User Agency और Sub-eKYC User Agency का दर्जा दिया गया है। इस समझौते पर UIDAI के CEO भुवनेश कुमार, डिप्टी डायरेक्टर जनरल मनीष भारद्वाज और स्टारलिंक इंडिया के डायरेक्टर Parnil Urdhwareshe की मौजूदगी में हस्ताक्षर हुए।
आधार बना डिजिटल इंडिया की रीढ़
UIDAI के मुताबिक, आज आधार भारत की डिजिटल पब्लिक infrastructure की रीढ़ बन चुका है। चाहे आम लोगों की ज़िंदगी आसान बनानी हो या कारोबार को सरल करना हो – हर जगह आधार मददगार साबित हो रहा है।
इसका फेस ऑथेंटिकेशन सॉल्यूशन भी तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है, क्योंकि यह सुविधाजनक और भरोसेमंद है।
Starlink -आधार साझेदारी का महत्व
स्टारलिंक और आधार का यह मेल दिखाता है कि भारत का डिजिटल आइडेंटिटी सिस्टम कितना मज़बूत और लचीला है। अब स्टारलिंक जैसी ग्लोबल टेक कंपनियां भी भारत की डिजिटल पहचान प्रणाली का इस्तेमाल करके, हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट जैसी सेवाएं पारदर्शिता, जवाबदेही और सरकारी नियमों का पालन करते हुए दे पाएंगी।