भारत में छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (BSMR) के विकास में NPCIL और EIL की साझेदारी

EIL
न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCIL) ने इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) के साथ हाथ मिलाया है। यह साझेदारी “भारत स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर” (BSMR) के डिज़ाइन और इंजीनियरिंग से जुड़ी सेवाओं के विकास में मदद करेगी। कंपनी की फाइलिंग के अनुसार यह समझौता 12 अगस्त को मुंबई स्थित NPCIL कार्यालय में हुआ।

भारत का बड़ा लक्ष्य – 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा

भारत सरकार ने परमाणु ऊर्जा उत्पादन को लेकर महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। वर्ष 2047 तक 100 गीगावॉट (GW) परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य है। फिलहाल देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता 8,180 मेगावॉट (MW) है। यह साझेदारी केंद्र सरकार के उस विज़न को मज़बूती देगी, जिसके तहत परमाणु ऊर्जा को भारत की ऊर्जा सुरक्षा का अहम स्तंभ बनाया जा रहा है।

EIL के शेयरों में गिरावट

समझौते की घोषणा के बाद ट्रेडिंग सत्र में इंजीनियर्स इंडिया के शेयर लगभग 4% गिर गए। EIL पहले भी NTPC और NPCIL के साथ परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं पर बातचीत कर चुका है।

BSMR – डिज़ाइन और विकास की स्थिति

  • अप्रैल 2025 तक BSMR की कांसेप्ट डिज़ाइन पूरी हो चुकी है।
  • अब विस्तृत इंजीनियरिंग डिज़ाइन (न्यूक्लियर और नॉन-न्यूक्लियर सिस्टम) पर काम चल रहा है।
  • केंद्रीय बजट 2025-26 में न्यूक्लियर एनर्जी मिशन की घोषणा की गई थी, जिसके तहत छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMRs) के विकास पर ज़ोर दिया जाएगा।
  • इस मिशन के लिए 20,000 करोड़ रुपये का फंड रखा गया है, और लक्ष्य है कि 2033 तक पाँच स्वदेशी SMR विकसित और चालू किए जाएँ।

कानूनी सुधार की तैयारी

इस मिशन के तहत एटॉमिक एनर्जी एक्ट और सिविल लाइबिलिटी फॉर न्यूक्लियर डैमेज एक्ट में संशोधन भी संसद में लाए जाएँगे, ताकि परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो सके।

BSMR का निर्माण और संचालन

  • BSMR का विकास बार्क (BARC) और NPCIL कर रहे हैं।
  • उपकरणों और कॉम्पोनेंट्स के लिए भारतीय निजी विक्रेताओं से प्रतिस्पर्धात्मक बोली मंगाई जाएगी।
  • निर्माण और कमीशनिंग का काम योग्य EPC वेंडर्स को सौंपा जाएगा।
डेमो यूनिट (BSMR200) को मंजूरी मिलने के छह साल के भीतर तैयार कर लिया जाएगा। सातवें साल तक यह संयंत्र चालू हो जाएगा। पहले यूनिट की अनुमानित लागत 5,700 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

तकनीक और भविष्य

  • BSMR, प्रेशराइज्ड वाटर रिएक्टर (PWR) तकनीक पर आधारित होगा, जो दुनिया भर में आज़माई जा चुकी है।
  • सभी इकाइयों का डिज़ाइन मानकीकृत रहेगा, जिससे लागत कम होगी और तेज़ी से बड़े पैमाने पर लागू किया जा सकेगा।
  • यह रिएक्टर ज़्यादातर स्वदेशी तकनीक से बनेगा, लेकिन ज़रूरत पड़ने पर आयातित यूरेनियम का विकल्प भी खुला रखा जाएगा।

भारत का ऊर्जा विज़न

BSMR का विकास भारत के उस वादे का हिस्सा है जिसके तहत:
  • 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा तैयार की जाएगी।
  • और ऊर्जा ज़रूरतों का 50% नवीकरणीय स्रोतों से पूरा किया जाएगा।

निष्कर्ष (Disclaimer)

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