अमेरिकी फेडरल रिज़र्व चेयरमैन Jerome Powell speech ने अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के साथ-साथ भारतीय सर्राफा (Jewellery) बाज़ार को भी प्रभावित किया है। जैक्सन होल सम्मेलन में दिए गए उनके बयानों ने निवेशकों में हलचल मचा दी। परिणामस्वरूप चाँदी की क़ीमतों में ज़बरदस्त उछाल आया और यह अपने रिकॉर्ड स्तर के बिल्कुल करीब पहुँच गई। सोने में भी मज़बूत तेजी देखने
को मिली।
चाँदी ने लगाई लंबी छलांग
शुक्रवार की शाम MCX पर सितंबर डिलीवरी वाली चाँदी ₹1,16,100 प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी। यह पिछले बंद भाव से ₹2,394 यानी 2.1% ज़्यादा है। दिन में यह भाव ₹1,16,341 तक गया, जो अब तक के उच्चतम स्तर ₹1,16,641 से मात्र ₹300 कम है।
यह तेज़ी साफ़ दिखाती है कि Jerome Powell speech ने निवेशकों को सोना और चाँदी जैसे सुरक्षित साधनों की ओर आकर्षित किया है।
सोने में भी मज़बूत बढ़त
सिर्फ चाँदी ही नहीं, सोने में भी बढ़त दर्ज हुई। MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना ₹1,00,329 तक पहुँच गया, जो पिछले सत्र से ₹894 (0.9%) अधिक है। दिन में यह ₹1,00,449 तक चढ़ा। आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों की प्राथमिकता स्पष्ट रूप से कीमती धातुएँ बन चुकी हैं।
जैक्सन होल सम्मेलन और Jerome Powell Speech क्यों महत्वपूर्ण है?
जैक्सन होल सम्मेलन को दुनियाभर के निवेशक और नीतिनिर्माता गहरी रुचि से देखते हैं। इस वर्ष भी इसमें विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंक गवर्नर, अर्थशास्त्री और वैश्विक बाज़ार से जुड़े विशेषज्ञ मौजूद रहे। सबकी नज़र अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के चेयरमैन Jerome Powell के संबोधन पर टिकी थी, क्योंकि उनके शब्दों से भविष्य की नीतियों और ब्याज दरों की दिशा का
अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
अपने संबोधन में पॉवेल ने कहा:
व्यापारिक तनाव और टैरिफ से नौकरियों पर दबाव बढ़ सकता है।
महंगाई पर इसका असर अस्थायी हो सकता है।
बेरोज़गारी का ख़तरा अनदेखा नहीं किया जा सकता।
उनकी इन टिप्पणियों से यह संदेश गया कि आने वाले दिनों में अमेरिकी और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंदी का दबाव बढ़ सकता है।
निवेशक क्यों भागे सोना-चाँदी की ओर?
वैश्विक स्तर पर जब भी राजनीतिक या आर्थिक अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। ऐसे हालात में वे शेयर बाज़ार जैसे जोखिम भरे साधनों से पूंजी निकालकर सोना (Gold) और चाँदी(Silver) जैसी कीमती धातुओं में निवेश करना सुरक्षित मानते हैं। इन धातुओं को लंबे समय से “Safe Haven Assets” यानी भरोसेमंद निवेश विकल्प माना जाता है। डोनाल्ड ट्रम्प की व्यापारिक नीतियों ने पहले ही बाज़ार में अनिश्चितता का माहौल बना दिया था, और अब Jerome Powell के भाषण ने निवेशकों की बेचैनी को और
बढ़ा दिया है।
आगे का रास्ता
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक स्तर पर मंदी और बेरोज़गारी की आशंका बनी रहती है, तो सोना और चाँदी दोनों की कीमतों में और तेज़ी देखने को मिल सकती है। चाँदी अपने पुराने रिकॉर्ड को पार करते हुए नया उच्च स्तर बना सकती है। फिलहाल निवेशकों की नज़रें पूरी तरह अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के आने वाले फैसलों और Jerome Powell Speech से मिलने वाले संकेतों पर टिकी हुई हैं।
निष्कर्ष
संक्षेप में कहा जाए तो Jerome Powell Speech ने वैश्विक (Global) और भारतीय (Indian) बाज़ारों में ज़बरदस्त हलचल पैदा कर दी है। उनके बयान के बाद निवेशकों ने जोखिम भरे साधनों से दूरी बनाकर सोना-चाँदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख किया है। यही वजह है कि चाँदी अपने रिकॉर्ड स्तर से केवल ₹300 दूर पहुँच गई है और सोना भी नई ऊँचाइयों को छू रहा है। आने वाले दिनों में कीमती धातुओं का रुख पूरी तरह अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की अगली नीतियों पर निर्भर करेगा।