Chief Economic Advisor (CEA) V. Anantha Nageswaran ने कहा है कि US President Donald Trump द्वारा India के goods पर लगाया गया 50% tariff ज्यादा लंबे समय तक नहीं चलेगा। उनका मानना है कि यह approach India-US relationship के लिए long-term में positive साबित नहीं होगी।
हाल ही में India और US के बीच tensions बढ़ गए हैं क्योंकि US ने Indian goods पर 50% tariff impose किया है। इसके अलावा, 27 August को Russia से oil खरीदने के कारण India पर extra 25% tariff भी लगाया गया। इससे पहले 7 August को 25% duty लागू की गई थी, जिसमें India समेत 70 देशों को target किया गया था।
CEA Nageswaran ने कहा कि Russian oil पर 25% tariff से business करना बेहद challenging होगा।
- इसका असर इस financial year के Q2 और Q3 (दूसरी और तीसरी तिमाही) में साफ दिखेगा।
- अगर हालात नहीं बदले, तो यह impact अगले साल तक खिंच सकता है।
उनका मानना है कि US खुद समझ रहा है कि high tariffs से desired results नहीं मिल रहे, बल्कि उल्टा असर हो रहा है। इसलिए उम्मीद है कि ये tariffs short-lived रहेंगे।
Tariffs से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए Government ने हाल ही में GST rates को simplify किया है:
- अब slabs को 5% और 18% तक सीमित किया गया है।
- इससे domestic consumption और spending को boost करने की कोशिश की जा रही है।
CEA ने कहा, “GST cut से domestic demand बढ़ेगी। Export loss को पूरी तरह cover करना मुश्किल है, लेकिन कुछ हद तक compensation जरूर मिलेगा।”
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Nageswaran के अनुसार:
- इस साल के पहले चार महीने (April–August) तक exports tariff-free थे।
- लेकिन अब second half में tariff का पूरा impact दिखेगा।
- इससे GDP growth, capital formation और employment पर negative असर पड़ेगा।
अगर हालात अगले financial year तक खिंचते हैं, तो ये economy के लिए बड़ी challenge होगी।
India के लिए exports के नए markets तलाशना आसान नहीं होगा। CEA ने कहा कि ऐसे में domestic levers of growth (जैसे consumption और investment) पर dependence और बढ़ जाएगी।
सरल शब्दों में, Trump का 50% tariff फिलहाल बड़ा झटका है, लेकिन experts को भरोसा है कि ये temporary रहेगा। India को अभी domestic demand पर ज्यादा focus करना होगा ताकि economy पर दबाव कम हो सके।